सूडान में संघर्ष को समाप्त करने को लेकर सऊदी अरब के जेद्दा में जारी वार्ता के बीच सैन्य गुटों की लड़ाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 604 पहुंच गई है। इसमें बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हैं।संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि संघर्ष के चलते सात लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता तारिक जैसेरविक ने संवाददाताओं को बताया कि सेना और अर्धसैनिक बलों के सघर्ष में 5,100 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। 15 अप्रैल से शुरू हुई इस लड़ाई का नेतृत्व सेना की ओर से जनरल अब्दुल-फतेह बुरहान और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट सिस्टम (आरएसएफ) का नेतृत्व जनरल मोहम्मद हमदान दगालो कर रहे हैं।
यूएन विस्थापन एजेंसी ने बताया कि लड़ाई ने शहरी क्षेत्रों को युद्ध के मैदान में बदल दिया है, जिससे लगभग सात लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। वहीं, सूडान में संघर्ष शुरू होने से पहले ही करीब 37 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके थे।
स्थनीय निवासियों को लड़ाई में ढाल बना रही आरएसएफ: जनरल
बुरहानसेना के जनरल अब्दुल-फतेह बुरहान ने आरोप लगाया है कि आरएसएफ के लोग स्थनीय निवासियों को लड़ाई में ढाल बना रहे हैं। मिस्र के टीवी चैनल अल-काहिरा अल-अखबारिया से बातचीत में जनरल बुरहान ने कहा कि किसी भी संघर्ष विराम समझौते से पहले उन्हें राजधानी खारतूम से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सऊदी अरब में कुछ हासिल होने वाला नहीं है।